
- सत्याग्रह के पहले दिन बीएसपी यूनियन के पदाधिकारियों ने भी प्रबंधन और केंद्र सरकार को ललकारा
- देवेंद्र ने शाम को सभी से घर लौटने की अपील की, लेकिन देर रात तक डटे रहे समर्थक
- निजीकरण, रिटेंशन स्कीम सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर भिलाई में सत्याग्रह का समापन आज
चैनल 9 . लाइफ
भिलाई। कड़ाके की ठंड के बीच विधायक देवेंद्र यादव ने खुले आसमान के नीचे टेंट पर रात बिताई। देर रात तक उनके समर्थक भी सत्याग्रह स्थल पर डटे रहे। सुबह-सुबह मार्निंग वाक ग्रुप्स ने सत्याग्रह स्थल पर पहुंचकर विधायक देवेंद्र यादव को समर्थन दिया। उन्हें सत्याग्रह करने के लिये बधाई के साथ आंदोलन की सफलता की कामना की। सुबह सुबह भिलाई के युवाओं समेत हर वर्ग के लोगों ने विधायक देवेंद्र यादव को गुलाब के फूल देकर आंदोलन की कामयाबी की कामना की। पुष्पहार से स्वागत-अभिनंदन किया।


इससे पहले शनिवार को विधायक देवेंद्र यादव ने भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर दो दिवसीय सत्याग्रह का आगाज किया। बीएसपी प्रबंधन की नीतियों और फैसलों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए देवेंद्र यादव सुबह 10 बजे सिविक सेंटर चौक पर सत्याग्रह पर बैठ गए। सत्याग्रह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए विधायक देवेंद्र ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन भिलाई की बसाहट और यहां की खूबसूरती को खत्म करना चाहता है। इस शहर को वे खंडहर नहीं बनने देंगे। देवेंद्र यादव ने कहा कि भिलाई शहर को बचाने के लिये अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे। इस शहर को मिटने नहीं देंगे।
विधायक देवेंद्र ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा निजीकरण के लिये टेंडर किये जा रहे हैं। निजीकरण रोकने सहित सभी मुद्दों को लेकर भिलाइयंस को जागरूक करने उपवास सत्याग्रह का आगाज किया गया है। दो दिवसीय सत्याग्रह के बाद भी आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि पूरी ताकत से जारी रहेगा।
देवेंद्र ने कहा कि रिटेंशन स्कीम सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सभी पीड़ित पक्ष जिस दिन एकजुट होकर आंदोलन में शामिल हो जाएंगे, उस दिन बीएसपी प्रबंधन अपने कदम वापस खींच लेगा। बीएसपी और भिलाई को बचाने का आंदोलन सफल हो जाएगा। प्रबंधन ने यहां के लोगों को नौकरी देना बंद कर दिया है। अब बीएसपी को खून पसीने से सींचने वाले परिवारों को घर से निकालने की कोशिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
देवेंद्र ने कहा कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल का काफी बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसका प्राइवेटाइजेशन कैसे कर सकते हैं। बीएसपी के करीब एक लाख पूर्व कर्मचारियों और उनके परिवारों को यहां से इलाज और दवाईयां मिलती है। किस नियम और शर्त के तहत प्राइवेटाइजेशन किया जा रहा है, इसकी जानकारी तक नहीं दी जा रही है।
मैत्री बाग को भी प्राइवेटाईजेशन किया जा रहा है। लीज पर मकान लेने वाले लोगों को भी हटाया जा रहा है। बिना सोचे समझे आवासों और दुकानों का किराया बढ़ाया जा रहा है। यहां रहने वाले लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। आवास खाली कराने लोगों का सामान फेंका जा रहा हैं। मकान खाली होने पर सेटिंग कर दूसरों को शिफ्ट करने का धंधा भी हो रहा है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
देवेंद्र ने कहा कि बीएसपी यूनियन के पदाधिकारियों ने एकजुटता के साथ सत्याग्रह को समर्थन दिया है। प्रबंधन के खिलाफ मजबूती के साथ बीएसपी यूनियनों ने खड़े होने का साहस किया है। हाउस लीज मामले में वर्षों तक लडऩे वाले लोगों ने बता दिया है कि कैसे लड़ा जाता है। सभी की ताकत के साथ प्रबंधन के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। बीएसपी प्रबंधन के अन्याय, भ्रष्टाचार और भिलाई शहर को खत्म करने के प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन और प्रबंधन समझ लें कि भिलाई की बसाहट को खत्म नहीं होने देंगे। उन्होंने प्रबंधन और केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि भिलाइयंस को बेघर मत कीजिये। सुकून से रहने दीजिये।
विधायक देेवेंद्र यादव ने बीएसपी प्रबंधन के फैसलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रबंधन के लोगों की जितनी गलती है, उतनी ही गलती डबल इंजन की सरकार की है। भूपेश सरकार ने हाउस लीज स्कीम की रजिस्ट्री शुरू कराई थी। डबल इंजन की सरकार ने इस रजिस्ट्री को बंद कर दिया है।
देवेंद्र ने कहा कि दो दिवसीय सत्याग्रह कोई राजनीतिक मंच नहीं है। भिलाई स्टील प्लांट को निजीकरण और भिलाइयंस को होने वाली परेशानियों से बचाने के लिये आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा के जनप्रतिनिधियों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो आप नया आंदोलन शुरू कीजिये। मंच तैयार कीजिये। भिलाई को बचाने के लिये देवेंद्र यादव आपके मंच पर आकर बैठने के लिये तैयार है।
उन्होंने भाजपा के प्रमुख नेताओं का नाम लिये बिना कहा कि भिलाई ने आपको शक्ति, शोहरत, इज्जत और प्यार दिया है। अब आप भिलाई को बचाने के लिये आंदोलन कीजिये। भिलाई को बचाने के लिये देवेंद्र यादव आपके पीछे खड़ा होने को तैयार है। भिलाई को बचाने के लिए हर मंच पर मौजूद रहने के लिये तैयार हैं। देवेंद्र ने तल्ख लहजे में कहा कि गुलाम मत बनो। सच के साथ आगे बढ़ो। प्रबंधन और डबल इंजन की सरकार कुछ भी कह रहे हैं और उनके लोग मान रहे हैं। यह गुलामी दूर होनी चाहिये।
बीएसपी यूनियनों ने कमर कसी, दिखाई एकजुटता
भिलाई स्टील प्लांट, टाउनशिप, अस्पताल, स्कूल, मैत्रीबाग को बचाने के लिए विधायक देवेंद्र यादव के आंदोलन में भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी भी शामिल हुए। सेल-बीएसपी के कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार और बीएसपी प्रबंधन को ललकार लगाई। एरियर, बोनस, आवास, बिजली, अस्पताल, स्कूल, मैत्रीबाग, निजीकरण, घटते मैनपॉवर, छंटनी आदि को लेकर सरकार और सेल की नीतियों पर जमकर कोसा। सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण की तैयारियों से नाराज कर्मचारी भी जत्था बनाकर पहुंचे।
एससी-एसटी पीएसयू फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील कुमार रामटेके ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए भिलाइयंस से आंदोलन को समर्थन देने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं। भिलाई को बचा लो। सीटू के उपाध्यक्ष डीवीएस रेड्डी ने सेल प्रबंधन की कार्य संस्कृति, सरकार की नीतियों को कोसते हुए कहा कि यह आंदोलन किसी एक पार्टी या संस्था का नहीं, बल्कि भिलाईवासियों का है। इसके समर्थन में सबको आना चाहिए।
सत्याग्रह में पूर्व विधायक अरुण वोरा, भिलाई के महापौर नीरज पाल, रिसाली के महापौर शशि सिन्हा, पूर्व महापौर आरएन वर्मा, भिलाई निगम के सभापति गिरवर बंटी साहू, सभापति केशव बंछोर, मुकेश चंद्राकर, जिला कांग्रेस प्रवक्ता जावेद खान, पूर्व महापौर नीता लोधी, धर्मेंद्र यादव, ट्रेड यूनियन से राजेंद्र सिंह परगनिहा, प्रमोद मिश्र, डीवीएस रेड्डी, जेपी त्रिवेदी, टी. जोगा राव, एसपी डे, अजय आर्या, संतोष कुमार, संतोष पुष्टि, श्याम लाल साहू, अमर सिंह सत्याग्रह के दौरान मौजूद रहे।


