
- किसके इशारे पर रिटेंशन स्कीम, लीज नवीनीकनिजीकरण सहित अन्य मुद्दों को लेकर विधायक देवेंद्र के आंदोलन को समर्थन न देने की अपील जारी ?
- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय अगर पॉवरफुल हैैं तो करें भिलाई बेचने का विरोध
- भिलाईवासी कहने लगे – केंद्र में भाजपा की सरकार, फिर भाजपा सांसद क्यों कर रहे सक्रियता की “खानापूर्ति”
- सीधा सवाल – क्यों नहीं करते ठोस पहल, क्यों नहीं निकालते समाधान
- भिलाइयंस बोले – बाल्को की तर्ज पर भिलाई को बिकने नहीं देंगे
चैनल 9 . लाइफ
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र को किस्तों में बेचने के षड्यंत्र का धीरे-धीरे पर्दाफाश होने लगा है। षड्यंत्र की साजिश रचने वालोंं के साथ स्थानीय नेता भी शामिल हैं। स्थानीय षड्यंत्रकारी सावधानी से पासे फेंक रहे हैैं। दिखावा किया जा रहा है कि वे बीएसपी कार्मिकों समेत ठेका श्रमिकों और यहांं रहने वाले बाशिंदों के हितों के लिये सजग हैं। दिल्ली में उच्च स्तरीय पहल करने के संदेश दिये जा रहे हैं। लेकिन, असल में हो कुछ नहीं रहा हैै। सक्रियता की सिर्फ दिखावेबाजी की जा रही है।
भिलाई बेचो मुहिम के खिलाफ विधायक देवेंद्र यादव ने उपवास का ऐलान कर दिया है। बीएसपी के मुखिया से मिलकर देवेंद्र ने पहले साफ तौर पर कह दिया कि बीएसपी के निजीकरण की न सोचें। इसका असर न होने पर दो दिवसीय उपवास पर बैठने का ऐलान कर दिया। कल 20 दिसंबर को सिविक सेंटर चौक पर देवेंद्र का उपवास शुरू होगा। 21 दिसंबर को उनका उपवास खत्म होगा।
विधायक देवेंद्र यादव के इस ऐलान से भिलाई की राजनीतिक फिजा बदल गई है। दलाल एक्सपोज हो गए हैं।
सबसे अहम बात ये है कि भिलाईवासी साफ तौर पर कहने लगे हैं – बाल्को की तर्ज पर भिलाई को बिकने नहीं देंगे।
भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने वाले षड्यंत्रकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ दलाल टाइप के “प्यादों ” के मंसूबे सफल नहीं होंगे।
लिहाजा, उपवास को समर्थन देने वालों की संख्या बढ़ रहीहै। सामाजिक, व्यापारिक संगठनों के अलावा बीएसपी सेे जुड़े यूनियनों ने एकमत से उपवास को समर्थन दे दिया है। देवेंद्र के दो दिनों तक उपवास पर बैठने के ऐलान से भिलाईयंस को बड़ी उम्मीदें हैं। माना जा रहा हैै कि दो दिनों के उपवास के दौरान ही भिलाई को बिकने से बचाने की रणनीति का रास्ता भी खुलेगा। सारे लोग एकजुट होकर भिलाई बचाओ आंदोलन का नए सिरे से आगाज कर सकते हैं।
खबर मिल रही है कि विभिन्न संगठनों के अलावा आम जनता भी इस शांतिपूर्ण उपवास आंदोलन से जुड़ने के लिये तैयार है।
दरअसल, रिटेंशन स्कीम आवास का नया नियम वापस लेने, कार्मिकों को मिनिमम वेज, टाउनशिप मार्केट के लीज नवीनीकरण, सेक्टर 9 हॉस्पिटल के निजीकरण, हाउस फॉर ऑल स्कीम के मुद्दे पर विधायक देवेंद्र यादव के दो दिवसीय उपवास के फैसले से बीएसपी अफसरों और स्थानीय भाजपा नेताओं की नींद उड़ गई है।
भाजपा नेताओं ने अपने प्यादों को आगे कर दिया है। भिलाईवासियों के हित में किये जाने वाले आंदोलन को समर्थन न देने का ऐलान किया जाने लगा है। लेकिन, समर्थन न देने की अपील जारी होने के बाद से भिलाई का बड़ा तबका सवाल कर रहा है कि केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद भाजपा सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय चुप्पी क्यों साधे हैं। इन मुद्दों पर कोई भी कारगर पहल करने की बजाय खानापूर्ति क्यों की जा रही है।
विधायक देवेंद्र यादव ने सभी यूनियनों और व्यापारियों से समर्थन मांगते हुए कहा है कि बीएसपी प्रबंधन की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सभी को एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने भिलाइयंस से एकजुट होकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। देवेंद्र की अपील से बीएसपी से ज्यादा भाजपा में हड़कंप है।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि सेल-बीएसपी प्रबंधन यहां के बजट में कटौती कर कार्मिकों, ठेका श्रमिकों, सेवानिवृत्त और पूर्व कार्मिकों को दी जाने वाली शिक्षा, चिकित्सा और आवास जैसे अनिवार्य सुविधाओं में कटौती कर रही है। लीज और रिटेंशन स्कीम के तहत आबंटित आवासों के किराए की दर में मनमानी बढ़ोतरी की गई है। लीजधारियों को नोटिस जारी कर आवास खाली करने दबाव बनाया जा रहा है। संयंत्र में वर्षों से कार्यरत श्रमिकों की छंटनी की जा रही है। श्रमिकों के हक का मिनिमम वेज नहीं दिया जा रहा है। संयंत्र को निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने समर्थन न देने की अपील की
भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने बयान जारी कर कहा कि चैंबर ऑफ कॉमर्स का संगठन विजय बघेल और प्रेम प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में एकजुट है। समस्या के समाधान के लिये केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, केंद्रीय वित्त मंत्रालय व केंद्रीय अंकेक्षक विभाग को विश्वास में लेकर हल निकाला जा रहा है। सांसद विजय बघेल के प्रयासों से यह संभव हो पा रहा है। सांसद बघेल ने दुकान व आवास, सामाजिक संस्थाओं की भूमि के नवीनीकरण में नई दिल्ली में इस्पात मंत्री के साथ चैंबर पदाधिकारियों की बैठक करवाई है। पॉलिसी में बदलाव की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से किसी अन्य राजनीतिक दल या व्यक्ति के बहकावे में ना आने की अपील की जा रही है। शहर के व्यापारियों, सामाजिक, शैक्षणिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की गई है कि ऐसे किसी भी आयोजन या आंदोलन में अपनी भागीदारी न दें, जो सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय के प्रयासों को नुकसान पहुंचा रहे हों। ज्ञानचंद ने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा किये जा रहे कार्य व्यापारियों को विश्वास में लेकर किये जा रहे हैं।


