- रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ ने दिए आदेश
चैनल 9 . लाइफ
दुर्ग। अक्टूबर माह-2025 में हुए केन्द्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ (पंजीयन क्रमांक-332) के अध्यक्ष पद के चुनाव को अवैध घोषित कर दिया गया है। फम्र्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ की रजिस्ट्रार पद्मिनी भोई साहू ने यह आदेश जारी किया। चुनाव में अनियमितता बरतने, अपूर्ण व भ्रामक जानकारी देने और फम्र्स व संस्थाएं के नियमावली का उल्लंघन होने के कारण चुनाव को अवैध घोषित किया गया है।
रजिस्ट्रार फम्र्स एवं संस्थाएं द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि केन्द्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के पंजीकृत नियमावली के अनुसार वैधानिक सदस्यों के बीच पुन: विधिवत चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण कर चुनाव की जानकारी अधिनियम की धारा-27 के अधीन सहायक रजिस्ट्रार फम्र्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ को अवगत कराया जाए। यह आदेश फम्र्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ ने केन्द्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के अध्यक्ष और चुनाव में प्रत्याशी रहे एमडी ठाकुर व महासभा के प्रवक्ता विष्णु ठाकुर के शिकायत पर दिया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने चुनाव के पूर्व और चुनाव के बाद अनियमितता और संस्था के नियमावली के उल्लंघन की शिकायत की थी, लेकिन चुनाव अधिकारी ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। रजिस्ट्रार फम्र्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ के चुनाव को लेकर आदेश से शिकायतकर्ताओं की शिकायतें सच साबित हो गई। इस फैसले के बाद महासभा के पदाधिकारियों, संरक्षक, जिला अध्यक्षों, तहसील अध्यक्षों समेत समाज के अन्य लोग बुधवार को गोंडवाना भवन सिविल लाइन दुर्ग में एकत्र हुए। आमसभा का आयोजन कर शहीद वीर नारायण सिंह की जयंती मनाई। इसके अलावा फम्र्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ के फैसले पर खुशी जाहिर की गई।
केन्द्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के अध्यक्ष एमडी ठाकुर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन कभी पराजित नहीं होता है। फम्र्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ द्वारा चुनाव को अवैध करार देने के फैसले ने इसे चरितार्थ कर दिया है। ठाकुर ने बताया कि चुनाव को अवैध घोषित करने के साथ ही महासभा को नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया गया है।
ठाकुर ने इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया कि कमलेश ध्रुव ने पूर्व में स्वयं को अध्यक्ष घोषित कर लिया था। वे केन्द्रीय गोंड़ महासभा, धमधागढ़ के सदस्य भी नहीं है और वे आदिवासी ध्रुव गोंड़ महासभा बावनगढ़ महासभा के सदस्य है। उन्हें धमधागढ़ के चुनाव में खड़े होने का अधिकार नहीं था, लेकिन चुनाव अधिकारी की अनियमितता के कारण चुनाव हो गया। महासभा के प्रवक्ता विष्णुदेव ठाकुर ने अनियमितता के संबंध में शिकायत की थी, लेकिन चुनाव अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। जो मतदान के अपात्र लोगों ने भी मतदान किया था। कुछ जिलों में मतदाताओं से ज्यादा लोगों ने नियम विरुद्ध मतदान किया। चुनावी प्रक्रिया व्यापक तौर से प्रभावित रही। बालोद, बेमेतरा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद के अलावा अन्य जिलों में भी ऐसी स्थिति सामने आई थी। धमतरी में 16 मतदाता हैं लेकिन यहां 45 लोगों ने मतदान किया। इन अनियमितताओं की शिकायतें की गई थी।


