चैनल 9 . लाइफ
दुर्ग। जिले के चेटवा गांव में राजस्थान से कपास तोडऩे आए मजदूरों को बंधक बनाकर मारपीट और मजदूरी न देने का मामला सामने आया है। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने मजदूरी का भुगतान नहीं किया और मेहनताना मांगने पर उन्हें गोली मारने की धमकी दी। हिसाब-किताब की डायरी भी जला दी।
राजस्थान के अलवर जिले से करीब 15 मजदूर 2 महीने पहले कपास तोडऩे के लिए दुर्ग लाए गए थे। मजदूरों ने बताया कि जोगेंद्र और उसके भाई गोरा मलिक के खेत में उन्हें कपास तोडऩे का काम दिया गया। सौदा 10 रुपए प्रति किलो (100 किलो पर 1000 रुपए) तय हुआ था। मजदूर राजकुमार ने बताया कि 3 महीने में उनकी कुल मजदूरी 4 लाख 35 हजार रुपए का भुगतान ठेकेदार ने नहीं किया। 9 जनवरी को सिर्फ 50 हजार रुपए दिए, जबकि 3 लाख 85 हजार रुपए अब भी बकाया है।
मजदूरों ने मजदूरी मांगी तो जोगेंद्र और गोरा मलिक ने उन्हें गोली मारने की धमकी दी। 22 जनवरी को ठेकेदार और उसके भाई ने उनकी डायरी जला दी, जिसमें पूरे काम का हिसाब दर्ज था। कई मजदूरों के साथ मारपीट की गई। 10 मजदूरों और 2 बच्चों को खेत में बंधक बनाकर रखा गया था। किसी को बाहर जाने नहीं दिया जा रहा था।


